Dehradun News: जमीनों में फर्जीवाड़ा कर ठगी, कांग्रेस पार्षद अमित भंडारी गिरफ्तार, गैंगस्टर के कबूलनामे से मचा हड़कंप
देहरादून (Doon 1 News Bureau): उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में जमीन बेचने के नाम पर पहाड़ के भोले-भाले लोगों और फौजियों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। रायपुर थाना पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल जालसाजी मामले में कांग्रेस पार्षद अमित भंडारी उर्फ दीपू को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले, इस गिरोह के मुख्य सरगना और शातिर जालसाज प्रदीप सकलानी व उसके साथी अजय सजवाण को शुक्रवार को ही सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
गैंगस्टर प्रदीप सकलानी ने पूछताछ में उगले नाम
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 20 हजार के इनामी और 27 मुकदमों के आरोपी प्रदीप सकलानी ने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले नाम लिए थे। सकलानी ने इस पूरे खेल में पार्षद अमित भंडारी, पत्रकार हेम भट्ट, अमजद खान और शौकत अली के शामिल होने की बात कबूली थी।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन सभी को हिरासत में लिया और गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान कांग्रेस पार्षद अमित भंडारी के खिलाफ धोखाधड़ी में शामिल होने के पर्याप्त साक्ष्य मिले, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वहीं, पत्रकार हेम भट्ट को हिरासत में लिए जाने के बाद सोशल मीडिया पर भी कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
क्या है पूरा मामला?
इस पूरे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ पिछले साल तब हुआ, जब 15 अक्तूबर को सहस्रधारा रोड निवासी विक्रम सिंह ने रायपुर थाने में तहरीर दी थी। पीड़ित विक्रम सिंह मालदेवता क्षेत्र में जमीन खरीदना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने टिहरी गढ़वाल (सत्यों सकलाना) निवासी प्रदीप सकलानी, राजेंद्र नगर निवासी अभय कुमार और मालदेवता निवासी अजय सजवाण से संपर्क किया।
आरोपियों ने मालदेवता में एक जमीन को अपनी बताते हुए सौदा तय किया और एडवांस के तौर पर ₹30 लाख की मोटी रकम डकार ली। जब पीड़ित ने जमीन के कागजात मांगे और जांच कराई, तो पता चला कि उस जमीन से इन आरोपियों का कोई लेना-देना ही नहीं था।
पैसे वापस मांगने पर दिए बाउंस चेक
जब विक्रम सिंह ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने उन्हें चेक थमा दिए। लेकिन जब चेक बैंक में लगाए गए तो वे बाउंस हो गए। इसके बाद पीड़ित ने न्याय के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो आरोपी फरार चल रहे थे।
फौजियों और प्रवासियों को बनाते थे निशाना
आरोपी प्रदीप सकलानी का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उस पर पहले से ही 27 मुकदमे दर्ज हैं। आरोपियों का मुख्य टारगेट उत्तराखंड के पहाड़ी मूल के वो सीधे-साधे लोग और फौजी होते थे, जो दूसरे राज्यों में रहते हैं। आरोपी खुद को पहाड़ का बताकर लोगों का भरोसा जीतते थे और देहरादून में सस्ते दामों में जमीन दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करते थे।
करोड़ों का है नेटवर्क:
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का जाल बेहद बड़ा है। मुख्य आरोपी प्रदीप सकलानी के खिलाफ अकेले नेहरू कॉलोनी थाने में ही तीन प्राथमिकियां दर्ज हैं, जो करीब 3 करोड़ रुपये की भारी-भरकम ठगी से जुड़ी हुई हैं। फिलहाल पुलिस इस रैकेट से जुड़े अन्य नामों और संपत्तियों की जांच में जुट गई है।
