उत्तराखंड बेरोजगार संघ का बड़ा फैसला: गांधी पार्क से शुरू हुई हक की लड़ाई अब पहुंचेगी शासन की दहलीज तक

देहरादून: राजधानी के गांधी पार्क में आज बेरोजगारों की समस्याओं को लेकर हलचल तेज रही। बेरोज़गार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने बड़ी संख्या में जुटे युवाओं के साथ संवाद किया और उनकी पीड़ा सुनी। कंडवाल ने स्पष्ट किया कि अब यह लड़ाई केवल मैदानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि संघ सीधे शासन-प्रशासन की चौखट पर दस्तक देगा।
भर्तियों में देरी और अनिश्चितता पर उठाए सवाल
संवाद के दौरान राम कंडवाल ने कहा कि प्रदेश का युवा दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है, लेकिन सिस्टम की सुस्ती उनकी उम्मीदों पर पानी फेर रही है। उन्होंने कहा:
"हम जल्द ही राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और पुलिस मुख्यालय का रुख करेंगे। हम यह जवाब मांगेंगे कि आखिर समय पर भर्तियां क्यों नहीं हो रही हैं और रिक्त पदों को भरने में इतनी देरी क्यों है?"
'राजनीति नहीं, युवाओं का हक है प्राथमिकता'
अक्सर लगने वाले राजनीतिक आरोपों पर विराम लगाते हुए कंडवाल ने दो टूक शब्दों में कहा कि बेरोज़गार संघ किसी भी प्रकार की मौका-परस्ती की राजनीति नहीं करता है। उनका एकमात्र लक्ष्य युवाओं को उनका हक दिलाना है।
आर्टिकल के मुख्य बिंदु:
• संवाद स्थल: गांधी पार्क, देहरादून।
• मुख्य मांग: समय पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करना और रिक्त पदों की स्थिति स्पष्ट करना।
• अगला कदम: पुलिस मुख्यालय और संबंधित सरकारी विभागों का घेराव/वार्ता।
• संघ का स्टैंड: युवाओं के साथ बिना किसी राजनीतिक स्वार्थ के मजबूती से खड़े रहना।
बेरोज़गारों में भारी रोष
गांधी पार्क में मौजूद युवाओं ने भी अपनी समस्याओं को साझा करते हुए कहा कि भर्ती परीक्षाओं के कैलेंडर और नियुक्तियों में हो रही देरी की वजह से उनके भविष्य पर तलवार लटकी है। राम कंडवाल ने युवाओं को आश्वासन दिया कि संघ इन सभी मुद्दों को शासन के समक्ष पूरी मजबूती से उठाएगा।