खाकी ने छोड़ी आस तो मां बनी जासूस: देहरादून में मां ने खुद ढूंढा बेटे का 'कातिल' ट्रक, 2 साल बाद पुलिस फिर खुली फाइल

 खाकी ने छोड़ी आस तो मां बनी जासूस: देहरादून में मां ने खुद ढूंढा बेटे का 'कातिल' ट्रक, 2 साल बाद पुलिस फिर खुली फाइल



देहरादून। कहते हैं मां की ममता से बड़ी कोई शक्ति नहीं होती। देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में एक मां ने इसे सच कर दिखाया है। जिस 'हिट एंड रन' मामले को पुलिस ने 'अनसुलझा' मानकर फाइल बंद कर दी थी, उसे एक मां के संघर्ष ने फिर से जिंदा कर दिया है। अपने मृत बेटे को न्याय दिलाने के लिए मां ने दो साल तक सड़कों की खाक छानी और अंततः उस ट्रक को खोज निकाला जिसने उनके बेटे की जान ली थी।


क्या था पूरा मामला?

16 फरवरी 2024 को क्षितिज चौधरी नाम के युवक को प्रेमनगर क्षेत्र में एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि क्षितिज 45 मिनट तक सड़क पर तड़पता रहा। अस्पताल में इलाज के दौरान उसका पैर काटना पड़ा और अगले ही दिन उसकी मौत हो गई।


जब पुलिस ने टेक दिए घुटने

परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस का रवैया बेहद ढुलमुल रहा। न तो समय पर रिपोर्ट दर्ज हुई और न ही सीसीटीवी फुटेज खंगालने में गंभीरता दिखाई गई। ठोस सबूत न मिलने का हवाला देते हुए पुलिस ने अंततः केस में FR (Final Report) लगाकर फाइल बंद कर दी।

मां की 'जांच' और सफलता

बेटे को खोने का गम और पुलिस की बेरुखी ने माँ ललिता चौधरी को खुद जांच करने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने हार मानने के बजाय:






Post a Comment

और नया पुराने