चारधाम यात्रा 2026: ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में उमड़ी भारी भीड़, गंगोत्री-यमुनोत्री के ऑफलाइन स्लॉट फुल, रूट डायवर्ट
प्रशासन बढ़ाएगा ऑफलाइन काउंटरों की संख्या
मैदानी राज्यों से बिना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के ऋषिकेश पहुंचे हजारों यात्री ऑफलाइन काउंटर पर निर्भर हैं। अचानक यात्रियों की तादाद बढ़ने से ट्रांजिट कैंप में अव्यवस्था और यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। तीर्थयात्रियों की इस भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन अब काउंटरों की संख्या बढ़ाने की तैयारी में जुट गया है, ताकि यात्रियों को ज्यादा समय तक लाइनों में न खड़ा होना पड़े।
ऋषिकेश की सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव, रूट डायवर्ट
चारधाम यात्रा के चलते ऋषिकेश और आसपास के इलाकों में वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर एसपी जया बलोनी ने बताया कि सड़कों पर जाम की स्थिति को देखते हुए वाहनों को 'नेपाली फार्म' से ही डाइवर्ट रूट पर भेजा जा रहा है। इसके बावजूद, मुनि की रेती और तपोवन क्षेत्र में लगातार जाम की स्थिति बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एक महीने में 20 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
आपको बता दें कि इस साल चारधाम यात्रा ने शुरुआत में ही अपने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। महज एक महीने के भीतर 20 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार, बदरी विशाल, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन कर चुके हैं। अकेले ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप से ही पिछले कुछ दिनों में रोजाना करीब 5,500 ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन किए जा चुके हैं।
प्रशासन ने बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा रूट पर आने से पहले अपने रजिस्ट्रेशन और स्लॉट की उपलब्धता की जांच जरूर कर लें।
