नारी शक्ति का अपमान, कांग्रेस की पहचान! परेड ग्राउंड में उमड़ा मातृशक्ति का जनसैलाब

 नारी शक्ति का अपमान, कांग्रेस की पहचान! परेड ग्राउंड में उमड़ा मातृशक्ति का जनसैलाब



देहरादून। राजधानी के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में आज नारी शक्ति के सम्मान और उनके अधिकारों की गूंज सुनाई दी। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों द्वारा 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' की राह में रोड़े अटकाने के विरोध में आयोजित 'महिला जन आक्रोश रैली' में हजारों की संख्या में प्रदेश की मातृशक्ति ने भागीदारी की। इस रैली के माध्यम से उत्तराखंड की महिलाओं ने विपक्षी दलों के दोहरे चरित्र के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है।


विपक्ष का दोहरा चेहरा हुआ उजागर

रैली को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि "नारी शक्ति का अपमान, कांग्रेस की पहचान" बन चुका है। जो दल संसद में इस ऐतिहासिक अधिनियम का समर्थन न कर महिलाओं के अधिकारों को रोकने का प्रयास करते रहे, वे आज प्रदेश की जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि विपक्ष का विरोधाभासी रवैया अब प्रदेश की जागरूक जनता के सामने बेनकाब हो चुका है।




हजारों की पदयात्रा: उत्साह और संकल्प का संगम

संबोधन के उपरांत हजारों की संख्या में उपस्थित महिलाओं के साथ एक विशाल पदयात्रा निकाली गई। इस दौरान महिलाओं में अभूतपूर्व उत्साह, ऊर्जा और अपने अधिकारों के प्रति सजगता देखने को मिली।

एकजुटता: प्रदेश के विभिन्न दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंची महिलाओं ने सिद्ध कर दिया कि वे नारी सम्मान के मुद्दे पर पूरी मजबूती के साथ एकजुट हैं।

हुंकार: देवभूमि से उठी यह आवाज नारी शक्ति के अधिकारों में बाधा बनने वाली ताकतों के विरुद्ध एक निर्णायक संदेश है।


जनसंकल्प से प्रशस्त होगा मार्ग

इस भव्य आयोजन ने यह साफ कर दिया है कि उत्तराखंड की मातृशक्ति अब अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह जागरूक है। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं का कोटि-कोटि वंदन किया गया। यह जन आक्रोश रैली आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में एक निर्णायक मार्ग प्रशस्त करेगी।

ब्यूरो रिपोर्ट: Doon 1 News




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