उत्तराखंड: अब घर बैठे ऑनलाइन करें मकान 'स्व गणना', 10 अप्रैल से शुरू होगी प्रक्रिया; जानें पूरा तरीका
देहरादून। उत्तराखंड में जनगणना की प्रक्रिया को स्मार्ट और पेपरलेस बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। आगामी 10 अप्रैल से राज्य के निवासी अपने मकान की 'स्व गणना' (Self-Enumeration) घर बैठे ऑनलाइन कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रगणकों (Enumerators) के घर आने पर आपको लंबी पूछताछ से भी मुक्ति मिलेगी।
कैसे करें 'स्व गणना'? (Step-by-Step)
वेबसाइट पर जाएं: 10 अप्रैल से आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in लाइव हो जाएगा।
राज्य का चयन: पोर्टल पर जाकर उत्तराखंड राज्य को चुनें।
पंजीकरण: परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य है।
ध्यान दें: एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही परिवार का पंजीकरण होगा। मुखिया का नाम और भाषा एक बार दर्ज होने के बाद बदली नहीं जा सकेगी।
इंटरएक्टिव मैपिंग: स्क्रीन पर दिख रहे लाल मार्कर को खींचकर अपने घर की सटीक लोकेशन पर सेट करें। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके लिए लैपटॉप या डेस्कटॉप का उपयोग करना सबसे बेहतर रहेगा।
SE ID प्राप्त करें: फॉर्म भरने के बाद आपको 11 अंकों की सेल्फ-एन्युमरेशन आईडी (SE ID) मिलेगी, जो 'H' अक्षर से शुरू होगी।
प्रगणक के आने पर क्या होगा?
जब जनगणना कर्मी आपके घर आएंगे, तो आपको बस अपनी SE ID दिखानी होगी। आईडी मैच होते ही आपका डाटा सीधे स्वीकार कर लिया जाएगा और आपको दोबारा कोई जानकारी नहीं देनी होगी। यदि आईडी मैच नहीं होती है, तभी प्रगणक नए सिरे से जानकारी मांगेंगे।
महत्वपूर्ण बातें जो आपको जाननी चाहिए:
• समय: पूरी प्रक्रिया में मात्र 15 से 20 मिनट का समय लगेगा।
• संशोधन: डाटा सबमिट करने से पहले उसे 'ड्राफ्ट' के रूप में सेव किया जा सकता है, लेकिन फाइनल सबमिशन के बाद कोई बदलाव नहीं होगा।
• तकनीकी विवरण: भवन संख्या और जनगणना मकान संख्या जैसी जटिल जानकारी प्रगणक स्वयं भरेंगे, आपको इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है।
इस डिजिटल पहल से जनगणना की सटीकता बढ़ेगी और नागरिकों को सरकारी दफ्तरों या लंबी प्रक्रियाओं के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
