Exclusive: दून-पांवटा हाईवे पर हो रहे हादसे, नहीं लगाए साइन बोर्ड और चेतावनी संकेतक; संचालन प्रबंधक पर एफआईआर
देहरादून। राजधानी के प्रेमनगर क्षेत्र में नवनिर्मित देहरादून-पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग इन दिनों हादसों का केंद्र बन गया है। एनएचएआई (NHAI) की बड़ी लापरवाही के कारण पिछले 10 दिनों में इस मार्ग पर 8 सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 3 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है और 6 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। बार-बार चेतावनी के बावजूद सुरक्षा इंतजाम पुख्ता न करने पर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए एनएच के संचालन प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
लापरवाही का हाईवे: न साइन बोर्ड, न लाइट
पुलिस जांच में सामने आया है कि पांवटा साहिब से आने वाले वाहनों के लिए बनाया गया यह मार्ग 'वन-वे' (एक तरफा) है। नियमानुसार यहाँ पर्याप्त साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेतक होने चाहिए थे, लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ भी नहीं मिला|
दुर्घटना की मुख्य वजह:
• गलत दिशा में प्रवेश: प्रेमनगर चौक से गोल चौराहे की ओर जाने वाले वाहन अनजाने में इस वन-वे मार्ग पर चढ़ जाते हैं।
• अंधेरे का फायदा: मार्ग पर स्ट्रीट लाइट और रिफ्लेक्टर्स का अभाव है, जिससे रात के समय वाहन चालकों को सड़क की दिशा का अंदाजा नहीं मिल पाता।
• भ्रम की स्थिति: करीब 4 किलोमीटर तक वाहन चालकों को यह पता ही नहीं चलता कि वे गलत दिशा में चल रहे हैं, जिसके कारण सामने से आ रहे वाहनों से भीषण टक्कर हो रही है।
पुलिस की चेतावनी को किया अनसुना
एसएचओ प्रेमनगर, नरेश राठौर ने बताया कि पुलिस ने जनता की सुरक्षा को देखते हुए कई बार एनएच के अधिकारियों को लिखित नोटिस जारी किए थे। हद तो तब हो गई जब पुलिस टीम खुद संचालन प्रबंधक लोकेश को मौके पर लेकर गई और कमियां गिनाईं। इसके बावजूद विभाग ने सुधार की दिशा में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
"लोगों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बार-बार नोटिस देने के बाद भी जब एनएचएआई ने सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए संचालन प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।"
— नरेश राठौर, एसएचओ प्रेमनगर
10 दिनों का खौफनाक आंकड़ा
• 8 अप्रैल: दो वाहनों की जोरदार भिड़ंत, एक युवक गंभीर घायल।
• 10 अप्रैल: एक सड़क हादसे में युवक की मौके पर मौत।
• कुल हादसे: 10 दिन के भीतर 8 बड़ी दुर्घटनाएं।
• हताहत: 3 की मौत, 6 घायल।
