Uttarakhand: दूसरे राज्यों के हिस्ट्रीशीटरों का ठिकाना बन रही राजधानी दून, अब सुनील राठी गैंग का शूटर गिरफ्तार
अपराध और कानून व्यवस्था के मामले में शांत शहर की पहचान रखने वाला दून धीरे-धीरे दूसरे राज्यों के अपराधियों का ठिकाना बनता जा रहा है। हाल के दिनों में सामने आए मामलों ने पुलिस और खुफिया एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
प्रमेंद्र सिंह डोबाल, एसएसपी
पारस पर मुजफ्फरनगर में दर्ज हैं सात मामले
राजपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए सुनील राठी गैंग के शूटर पारस पर मुजफ्फरनगर में सात मामले दर्ज हैं। इसके अलावा एक प्राथमिकी देहरादून में भी दर्ज है। पारस पर थाना शामली क्षेत्र में 2012 और 2015 में हत्याएं करने का आरोप है। देहरादून के डालनवाला थाना में धमकी देने के मामले में प्राथमिकी दर्ज है। 2020 में मुजफ्फरनगर कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट में भी प्राथमिकी दर्ज है। राजपुर थाना में दर्ज ताजा मामले को मिलाकर पारस के खिलाफ अब तक कुल नौ मामले दर्ज होना प्रकाश में आया है।
ऑटोमेटिक पिस्टल पर लिखा था मेड इन यूएसएकुख्यात पारस और भानु के पास मिली दो ऑटोमेटिक पिस्टलों पर मेड इन यूएसए लिखा हुआ है। आरोपियों के पास इन हथियारों का कोई लाइसेंस नहीं मिला। इन हिस्ट्रीशीटरों तक अमेरिका में बने हथियार कैसे पहुंचे ये भी सवाल खड़ा हो रहा है।
सुनील राठी के नाम से निपटाते थे जमीन के विवाद
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे जेल में बंद कुख्यात अपराधी सुनील राठी के संपर्क में हैं और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में विवादित जमीनों के मामलों को उसके नाम के डर से निपटवाते थे। इसके बदले मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस को आशंका है कि वे देहरादून में रंगदारी या अन्य गंभीर अपराध की योजना से आए थे।
डर के मारे शिकायतकर्ता नहीं आ रहे सामने
सुनील राठी के नाम का खौफ ऐसा है कि इस गैंग के रंगदारी वसूलने से परेशान लोग डर के मारे सामने नहीं आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार देहरादून में करीब आधा दर्जन लोग इस गैंग की वसूली से परेशान हैं लेकिन खुलकर पुलिस से शिकायत तक नहीं कर रहे हैं।
