देहरादून: स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही! अनशनकारियों की जांच में 'एक्सपायरी' शुगर स्ट्रिप का इस्तेमाल, डेट मिटाकर छिपाई हकीकत
देहरादून। राजधानी के धरना स्थल पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा अनशनकारियों के स्वास्थ्य परीक्षण में भारी लापरवाही का मामला सामने आया। शाम करीब 7 बजे दोबारा जांच करने पहुंची टीम पर एक्सपायरी मेडिकल सामान और शुगर स्ट्रिप की तारीख मिटाकर उपयोग करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
एक्सपायरी शुगर स्ट्रिप और डेट मिटाने का खेल
शिकायत मिलने पर जब स्वास्थ्य विभाग की टीम धरना स्थल पर निरीक्षण करने पहुंची, तो वहां अनशनकारियों का हेल्थ चेकअप किया जा रहा था। इसी दौरान यह खुलासा हुआ कि शुगर जांच के लिए उपयोग की जा रही स्ट्रिप न केवल एक्सपायरी थी, बल्कि उस पर से एक्सपायरी डेट को भी जानबूझकर हटाया गया था।
गहनता से जांच करने पर पता चला कि संबंधित स्ट्रिप की
मैन्युफैक्चरिंग डेट 17 मार्च 2022 थी, जिसके आधार पर उसकी वैधता काफी समय पहले समाप्त हो चुकी थी। स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही ने मरीजों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद जिम्मेदार कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई है और सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
अनशनरत सरिता जोशी की तबीयत बिगड़ी
एक तरफ जहां स्वास्थ्य विभाग की टीम पर लापरवाही के आरोप लगे, वहीं दूसरी ओर धरना स्थल पर पिछले कई दिनों से अनशन कर रही सरिता जोशी की हालत अचानक बिगड़ गई। स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट आने के बाद वहां मौजूद लोगों और प्रशासन ने तुरंत उन्हें दून मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया। वर्तमान में डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है और उनका इलाज जारी है।
मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर उठे सवाल
स्वास्थ्य विभाग ने माना कि मेडिकल सामग्री से तारीख हटाना और एक्सपायरी सामान का उपयोग करना एक दंडनीय अपराध है। यह सीधे तौर पर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर विभाग क्या कार्रवाई करता है।
संपादक (Editor): अमित शर्मा
रिपोर्ट (By): शिवान

