बड़ी खबर: बेरोज़गार संघ का बड़ा खुलासा, फर्जी दस्तावेजों के दम पर नौकरी हथियाने का आरोप
उत्तराखंड में फर्जीवाड़े के खिलाफ मुखर रहने वाले राम कंडवाल बेरोज़गार संघ ने एक और सनसनीखेज खुलासा किया है। संघ ने तिरखनपुर विवाद से जुड़ी एक एलाइड यूनिट में तैनात महिला कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उसने फर्जी शैक्षणिक और सरकारी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल की
है।
शैक्षणिक योग्यता पर उठे गंभीर सवाल
बेरोज़गार संघ के मुताबिक, संबंधित महिला ने नौकरी के लिए 'भारतीय शिक्षा संस्थान, उत्तर प्रदेश' से इंटरमीडिएट (12वीं) पास होने का प्रमाण पत्र लगाया था। हालांकि, संघ का दावा है कि:
• महिला की तीनों वर्षों की मार्कशीट पूरी तरह संदिग्ध हैं।
• रिकॉर्ड के अनुसार, वह कभी नियमित रूप से कॉलेज भी नहीं गई।
SOG और पुलिस जांच में भी फर्जीवाड़े की पुष्टि!
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब संघ ने दावा किया कि इस प्रकरण की जांच SDF (एसडीएफ), राजस्थान पुलिस और SOG (एसओजी) द्वारा की गई है। जांच एजेंसियों ने इन मार्कशीटों को फर्जी करार दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि एसओजी द्वारा जारी की गई फर्जी प्रमाण पत्र धारकों की सूची में भी उक्त महिला का नाम शामिल बताया जा रहा है।
निवास और चरित्र प्रमाण पत्र भी घेरे में
केवल मार्कशीट ही नहीं, बल्कि महिला के अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं। संघ के अनुसार:
1. स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Domicile) के फर्जी होने की आशंका है।
2. चरित्र प्रमाण पत्र और अन्य सहायक दस्तावेजों में भी हेरफेर की बात सामने आई है।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
राम कंडवाल बेरोज़गार संघ ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की जाए। संघ का कहना है कि योग्य युवाओं के हक पर डाका डालने वाले ऐसे जालसाजों को तुरंत बर्खास्त कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
