नर्सिंग अभ्यर्थियों का अल्टीमेटम: मांगे पूरी करो या 19 अप्रैल से 'आमरण अनशन' के लिए तैयार रहे सरकार

 देहरादून: मांगों को लेकर आर-पार की जंग, 19 अप्रैल से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे उत्तराखंड के नर्सिंग अभ्यर्थी




देहरादून। उत्तराखंड में नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश अब चरम पर पहुंच गया है। पिछले 133 दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे 'नर्सिंग एकता मंच, उत्तराखंड' ने सरकार की बेरुखी से तंग आकर अब बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। मंच ने आधिकारिक प्रेस नोट जारी कर घोषणा की है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आगामी 19 अप्रैल 2026 से देहरादून के एकता विहार धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।

क्या हैं प्रमुख मांगें?


नर्सिंग अभ्यर्थियों की मुख्य रूप से दो प्रमुख मांगें हैं:

1. नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया को पहले की तरह वर्षवार (Year-wise) आधार पर ही संचालित किया जाए।

2. IPHS मानकों के अनुरूप प्रदेश के अस्पतालों में कम से कम 2000 रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती की जाए ताकि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिल सके।


भर्ती प्रक्रिया में विसंगतियों के आरोप

प्रेस नोट के माध्यम से मंच ने भर्ती प्रक्रिया में हो रहे भेदभाव पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि जहां एक ओर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का चयन वर्ष 2020-21 की वरिष्ठता के आधार पर हो चुका है, वहीं सामान्य वर्ग के वर्ष 2014 के अभ्यर्थी आज भी चयन से वंचित हैं। अभ्यर्थियों के अनुसार, एक ही भर्ती प्रक्रिया में यह स्पष्ट असमानता नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन है।


आर-पार की लड़ाई का ऐलान

नर्सिंग एकता मंच के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अब तक बेहद लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी है, लेकिन सरकार द्वारा लगातार की जा रही अनदेखी ने उन्हें कड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। मंच ने चेतावनी दी है कि यदि भूख हड़ताल के दौरान भी सरकार ने सकारात्मक रुख नहीं दिखाया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक और उग्र स्तर पर ले जाया जाएगा।


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