बड़ी राहत: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ₹10 घटी, युद्ध के बीच भारत सरकार का मास्टरस्ट्रोक! (सबसे ज्यादा क्लिक होने वाला)
नई दिल्ली | [आज की तारीख]
वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और खाड़ी देशों में छिड़े युद्ध की आहट के बीच भारत के आम नागरिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू रही हैं। भारतीय बाजार पर इसका बुरा असर न पड़े, इसके लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और साहसिक कदम उठाया है।
एक्साइज ड्यूटी में ₹10 की बड़ी कटौतीसरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) में ₹10 प्रति लीटर की भारी कमी करने का फैसला किया है। इस कटौती के बाद:
• डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को घटाकर 0 (शून्य) कर दिया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
मौजूदा वैश्विक हालातों को देखते हुए तेल कंपनियों पर घाटे का बोझ बढ़ रहा था। अगर सरकार यह कदम नहीं उठाती, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल आना तय था। सरकार के इस हस्तक्षेप से अब तेल कंपनियों को राहत मिलेगी और आम जनता पर बढ़ती कीमतों का बोझ नहीं पड़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि: "सरकार के इस फैसले से न केवल परिवहन लागत स्थिर रहेगी, बल्कि माल ढुलाई सस्ती होने से आने वाले समय में महंगाई पर भी लगाम लगेगी।"
आम जनता और तेल कंपनियों को दोहरा फायदाआमतौर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने पर तेल कंपनियां अपनी भरपाई के लिए दाम बढ़ा देती हैं। लेकिन ड्यूटी में इस कटौती से कंपनियों का घाटा (Under-recovery) कम होगा, जिससे वे खुदरा कीमतों (Retail Price) को स्थिर रख सकेंगी। यानी अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल के बावजूद आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के दाम फिलहाल नहीं बढ़ेंगे।
युद्ध के संकट के बीच मोदी सरकार का यह फैसला एक 'सुरक्षा कवच' की तरह काम करेगा। जहां दुनिया भर में ईंधन की किल्लत और बढ़ते दामों का डर है, वहीं भारत ने टैक्स घटाकर अपने नागरिकों को महंगाई से बड़ी राहत दी है।
