वसंतोत्सव 2026: राजभवन के दरवाजे जनता के लिए खुले, खिल उठे हजारों प्रजाति के फूल।
देहरादून (राजभवन):
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में प्रकृति और रंगों का महापर्व 'वसंतोत्सव 2026' अपनी पूरी भव्यता के साथ शुरू हो चुका है। राजभवन के प्रांगण में आयोजित इस तीन दिवसीय पुष्प प्रदर्शनी का उद्घाटन राज्यपाल द्वारा किया गया। आज दूसरे दिन हजारों की संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग फूलों की इस जादुई दुनिया का दीदार करने पहुंचे।
हजारों प्रजाति के फूलों से महका राजभवन
इस बार वसंतोत्सव में लगभग 800 से ज्यादा प्रजातियों के फूलों को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में मुख्य आकर्षण का केंद्र 'ट्यूलिप' और 'ऑर्किड' की विदेशी प्रजातियां हैं। साथ ही, बोनसाई और कैक्टस के सेक्शन में भी लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
पर्यटकों के लिए क्या है खास?
• सेल्फी पॉइंट्स: युवाओं के लिए विशेष 'फ्लावर सेल्फी जोन' बनाए गए हैं।
• फूड स्टॉल्स: उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों (जैसे गहत की दाल के परांठे और झंगोरे की खीर) का लुत्फ लोग उठा रहे हैं।
• डाक टिकट जारी: इस बार एक विशेष पुष्प पर स्मारक डाक टिकट भी जारी किया गया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
• पेंटिंग और कल्चरल शो: स्कूली बच्चों के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता और शाम को स्थानीय लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जा रही हैं।
आम जनता के लिए जरूरी जानकारी (Timings & Entry):
अगर आप भी रविवार (कल) राजभवन जाने का मन बना रहे हैं, तो ये बातें नोट कर लें:
• एंट्री का समय: सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक।
• एंट्री फीस: जनता के लिए प्रवेश बिल्कुल निशुल्क (Free) है।
• सुरक्षा नियम: सुरक्षा कारणों से बैग, खाने-पीने का सामान और पॉलिथीन ले जाना वर्जित है।
निष्कर्ष:
वसंतोत्सव न केवल फूलों का प्रदर्शन है, बल्कि यह उत्तराखंड की जैव-विविधता और पर्यटन को बढ़ावा देने का एक बड़ा मंच है। अगर आप देहरादून में हैं, तो रविवार का दिन इस खूबसूरत नज़ारे को देखने के लिए सबसे बेस्ट है।


