देहरादून: 14 दिनों की जंग के बाद सुजल ने तोड़ा दम, प्रेमनगर चौकी पर शव रख परिजनों का भारी हंगामा; न्याय की गुहार।

देहरादून: 14 दिनों की जंग के बाद सुजल ने तोड़ा दम, प्रेमनगर चौकी पर शव रख परिजनों का भारी हंगामा; न्याय की गुहार।





देहरादून (प्रेमनगर): राजधानी के प्रेमनगर क्षेत्र में आज उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब 28 जनवरी को हुए भीषण सड़क हादसे के शिकार 20 वर्षीय युवक सुजल के पार्थिव शरीर को परिजनों ने पुलिस चौकी के सामने रखकर प्रदर्शन किया। 14 दिनों तक अस्पताल में मौत से जूझने के बाद आज सुजल की सांसें थम गईं, जिसके बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा पुलिस की 'सुस्ती' पर फूट पड़ा।



क्या है पूरा मामला?

बीती 28 जनवरी की रात एक अनियंत्रित थार वाहन ने सुजल को जोरदार टक्कर मार दी थी। हादसे के तुरंत बाद उसे गंभीर अवस्था में सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों और डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद, आज उपचार के दौरान सुजल का निधन हो गया।




परिजनों का आरोप: पुलिस क्यों है मौन?

मृतक के परिजनों और स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि घटना के संबंध में एफआईआर (FIR) दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से सीधा सवाल किया कि आखिर दोषी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर क्यों है?





"शिकायत मौजूद है, तो कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है? क्या रसूखदारों को बचाने की कोशिश की जा रही है?" — 



वायरल चैट्स ने बढ़ाया आक्रोश

इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े कुछ कथित स्क्रीनशॉट्स और चैट्स वायरल हुए। इन संदेशों में दुर्घटना में संलिप्त राजगी है।







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